जिले की पेयजल व्यवस्था बाडमेर लिफ्ट वाटर सप्लाई पोकरण फलसूण्ड
राजीव गान्धी लिफ्ट केनाल नर्मदा नहर गडरा ब्रांच
बाडमेर जिले की पेयजल व्यवस्था
शहरी क्षेत्र
बाडमेर जिले मे बाडमेर, बालोतरा, सिवाना व समदडी चार कस्बे हैं, जिनकी पेयजल व्यवस्था निम्न प्रकार से है -
बाडमेर शहर
बाडमेर शहर की जल योजना का मुख्य स्त्रोत राष्ट्रीय उच्च मार्ग सं. 15 पर बाडमेर शहर से लगभग 30 किमी दूरी पर भाडखा गांव में स्थित है। वर्तमान मे शहर हेतु 29 नलकूप कार्यशील है। सभी स्त्रोतों से प्रतिदिन 6650 किली पानी उत्पादन होता है। बाडमेर शहर में 16961 (घरेलु 16332, व्यवसायिक 496 व ओद्योगिक 133) जल सम्बन्ध है। 72 घंटो के अंतराल से 1 से 1 ½ घंटे के अवधि के लिये 70 जोंस मे जल वितरण किया जाता है। तकनिकी व्यवधान आने पर , नियमित अंतराल मे बढोतरी हो जाती है। शहर मे कुल 75 हैण्डपम्प कार्यशील है। 1 फरवरी 2008 से शुरु 34 वै हैण्डपम्प मरम्मत अभियान के तहत अब तक योग्य सभी हैण्डपम्पो के मरम्मत करवाई जा चुकी है।
बालोतरा शहर
बालोतरा शहर की 2001 जनगणनानुसार आबादी 61813 है। बालोतरा शहर मे स्त्रोत गांव बिठुजा , गोलिया , किटनोद व इंद्राणा मे कुल 22 नल कुप कार्यशील है, जिनका कुल उत्पादन 5300 केएलडी है जिससे शहर क सर्विस लेवल 70 एल.पी.सी.डी है। बालोतरा कस्बे मे 11034 (घरेलु 9608, व्यवसायिक व औधोगिक 1426) जल सम्बन्ध है। वर्तमान मे शहर की सप्लाई 22 जोन मे वितरण व्यवस्था के द्वारा 84-96 घण्टे के अंतराल मे की जा रही है। वर्तमान मे शहर मे 8310 जल सम्बन्ध है तथा 150 सार्वजनिक नल चालु है। बालोतरा शहर मे एक भी हैण्डपम्प नही है।
सिवाना
सिवाना शहर की 2001 जनगणनानुसार जनसंख्या 21155 है। सिवाना मे जल वितरण हेतु स्त्रोत गोलिया मे 8 नलकूप कार्यशील है, जिनका कुल उत्पादन 1800 के.एल.डी है। सिवाना शहर का सर्विस लेवल 70 एल.पी.सी.डी है । कस्बे मे 3438 ( घरेलु 3137, व्यवसायिक व औधौगिक 301) जल सम्बन्ध है। शहर की 24 जोन मे वितरण व्यवस्था द्वारा 48 घण्टों के अंतराल मे सप्लाई दी जाती है। वर्तमान मे सिवाना शहर मे 3267 जल सम्बंध व 75 सार्वजनिदक नल चालु है।
समदडी
समदडी 2001 की जनसंख्या 15678 है। समदडी शहर मे 100 एल.पी.सी.डी के अनुसार 1919 के. एल.डी. की आवश्यकता है। शहरी योजना में जल वितरण हेतु समदडी मे 7 विभागीय कूऐ कार्यशील है, जिनका कुल उत्पादन 1150 के.एल.डी है। समदडी शहर का सर्विस लेवल 60 एल.पी.सी.डी है। कस्बे में 2420 (घरेलु 2319, व्यवसायिक व औधोगिक 101) जल सम्बन्ध है। वर्तमान मे शहर के सप्लाई कुल 12 जोन मे 36 घंटे के अंतराल मे की जा रही है। वर्तमान मे 1951 जल सम्बन्ध व 20 सार्वजनिक नल चालु है।
ग्रामीण क्षेत्र :
बाडमेर जिले का कुल क्षेत्रफल 28400 वर्ग कि.मी. है, जिससे 2001 की जनगणनानुसार 1933 आबाद ग्राम है। इन आबाद ग्रामो मे सर्वे 2003 अनुसार कुल 9461 ढाणियां चयनित की गई। विभाग द्वारा 1844 गांव व 4271 ढाणियां मार्च, 2008 तक विभिन्न प्रकार की पेयजल योजनाओं से लाभांवित की गयी है, जिसका विवरण निम्न प्रकार है -
|
क्र.सं. |
योजना का प्रकार |
योजनाओं की संख्या |
लाभांवित ग्राम |
|
01 |
क्षेत्रीय योजनाऐ |
284 |
1586 |
|
02 |
पाईप्ड |
11 |
11 |
|
03 |
पम्प व टेंक |
213 |
213 |
|
04 |
हैण्ड पम्प |
33 |
33 |
|
05 |
टांका |
1 |
1 |
|
कुल |
542 |
1844 |
|
दिनांक 01.04.2008 को बाडमेर जिलें में जनगणना 2001 के 89 ग्राम व सर्वे 2003 अनुसार चिन्हित 5190 ढाणियों को पेयजल योजनाओं से लाभांवित करना शेष है। रहे सभी गांवो को मार्च 2009 तक तथा चिन्हित ढाणियों को वर्ष 2011-12 तक लाभांवित करना प्रस्तावित है।
जिले में विभिन्न जल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत कुल 665 नलकूप 732 ओपन वैल एवं 1974 हैण्डपम्प स्थापित है। 4448 भुतल जलाशय, 306 स्वच्छ जलाशय एवं 58 उच्च जलाशय बने हुए हैं।
दिनांक 01.04.2008 को वृत के अधिन 208 अपूर्ण योजनाएं थी, जिनमे से माह दिसम्बर 08 तक 62 योजनाओ का पुर्ण कर दिया है एवं शेष 146 योजनाओ कि नाअह मार्च 2009 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। अपूर्ण योजनाओ के पूर्ण होने एवं नये जल स्त्रोतो के चालु हो जाने से आगामी ग्रीष्म ऋतु मे जल वितरण मे सुधार होने की सम्भावना होने की संभावना होने की सम्भावना है।
ग्रीष्म 2009 के लिये प्रस्तावित प्लान
ग्रीष्म ऋतु 2009 के लिये शहरी एवं क्षेत्रो मे पेयजल योजनाओ के सुदृढीकरण हेतु निम्नानुसार कार्य प्रस्तावित है।
शहरी क्षेत्र : अ. अवधि माह मार्च 2009 तक
|
क्र.सं. |
कस्बे का नाम |
प्रस्तावित कार्य |
जल परिवहन पर व्यय |
कुल राशि (लाखो मे) |
||||||
|
नलकूप |
हैण्डपम्प |
पाईपलाईन |
अन्य कार्य |
|||||||
|
संख्या |
राशि |
संख्या |
राशि |
कि.मी. |
राशि |
|||||
|
1 |
बाडमेर |
1 |
8.00 |
5 |
4.00 |
4 |
9.00 |
6.00 |
- |
27.00 |
|
2 |
बालोतरा |
1 |
8.00 |
- |
- |
4 |
8.00 |
5.00 |
- |
21.00 |
|
योग |
2 |
16.00 |
5 |
4.00 |
8 |
17.00 |
11.00 |
0.00 |
48.00 |
|
ब. अवधि माह अप्रेल 2009 से जून 2009 तक
|
1 |
बाडमेर |
1 |
8.00 |
2 |
1.60 |
3 |
6.00 |
5.00 |
- |
20.60 |
|
2 |
बालोतरा |
1 |
8.00 |
- |
0 |
2 |
4.00 |
3.00 |
- |
15.00 |
|
योग |
2 |
16.00 |
2 |
1.60 |
5 |
10.00 |
8.00 |
0.00 |
35.60 |
|
ग्रामीण क्षेत्र : अवधि मार्च 2009 तक अप्रैल 2009 से जून 2009
|
क्र.सं. |
प्रस्तावित कार्य |
संख्या |
अनुमानित राशि |
संख्या |
अनुमानित राशि |
|
1 |
नलकूप |
42 |
315.00 |
23 |
171.00 |
|
2 |
हैण्डपम्प |
75 |
50.00 |
47 |
29.80 |
|
3 |
पाईप लाईन |
57 km. |
113.00 |
38km. |
71.20 |
|
4 |
अन्य कार्य |
- |
75.00 |
- |
41.00 |
|
5 |
जल परिवहन |
- |
37.00 |
- |
87.00 |
|
योग |
590.00 |
|
400.00 |
||
जल परिवहन
ग्रीष्म 2008 मे ग्रामीण क्षेत्र मे 631 हेबिटेशन मे जिला प्रशासन से स्वीकृति प्राप्त कर निजी अनुबंधित टेंकरो से जल परिवहन कर जलापूर्ति की गई। इसी प्रकार समार 2009 ने 629 हेबिटेशन मे जिला प्रशासन से स्वीकृति प्राप्त कर निजी अनुबंधित टेंकरो से जल परिवहन कर जलापूर्ति करना प्रस्तावित है।
श्रमिक एवं वाहन
जल योजनाओ को सूचारु रुप से चलाने हेतु 35 अतिरिक्त वाहनो की आवश्यकता रहती है गत वर्ष दिनांक 1.8.07 से 5.12.07 तक अतिरिक्त वाहनों की स्वीकृति नही थी। तत्पश्चात दिनांक 6.12.07 को 3 वाहन ,दिनांक 1.2.08 से 25 वाहन एंव 1.3.08 से 30 वाहन एवं दि. 1.05.08 से 30.06.08 तक अधिकतम 35 वाहन उपलब्ध थे, लेकिन 01.07.08 से वाहनों की स्वीकृति उपलब्ध नही है। जिले मे तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण पेयजल योजना प्रभावित रहती है। योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने हेत 1000 श्रमिकों की आवश्यकता रहती है। गत वर्ष दिनांक 01.08.2007 से 12.11.2007 तक श्रमिकों की स्वीकृति उपलब्ध नहीं थी। दिनांक 13.11.2007 से 100 श्रमिक दिनांक 31.01.2008 से 120 श्रमिक दिनांक 10.04.2008 से 300 श्रमिक एवं दिनांक 01.05.2008 से 15.07.2008 तक 500 श्रमिकों की स्वीकृति उपलब्ध है। राज्य सरकार ने ठेका श्रमिकों की स्वीकृति दिनांक 30.11.2008 तक बढा दी है। लेकिन वहनों की स्वीकृति दिनांक 30.06.2008 को समाप्त हो चुकी है। राज्य सरकार ने दिनांक 01.12.2008 से 7 वाहनों को किराये पर पुनः रखने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, लेकिन 500 ठेका श्रमिकों की स्वीकृति दिनांक 30.11.2008 को विशेष हैण्डपम्प मरम्मत अभियान की समाप्ति के कारण समाप्त हो गई है। उक्त दोनों स्वीकृतियां दिनांक 30.06.2009 तक प्रभावी करने की आवश्यकता रहेगी एवं 7 वाहनों की जगह 35 वाहनों की आवश्यकता रहेगी।
अभियन्ताओं के रिक्त पदों का विवरण
वृत कार्यालय के अधीन अभियांत्रिक सेवा के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों का विवरण निम्नानुसार है :-
|
क्र.सं. |
पद का नाम |
स्वीकृत पद |
कार्यरत |
रिक्त पद |
|
1 |
अधिशाषी निदेशक |
1 |
-- |
1 |
|
2 |
अधिशाषी अभियन्ता |
6 |
5 |
1 |
|
3 |
सहायक अभियन्ता |
23 |
17 |
6 |
|
4 |
कनिष्ठ अभियन्ता |
56 |
27 |
29 |
योजनाओं के सन्धारण हेतु संशोधित बजट
योजनाओं के सन्धारण हेतु विगत वर्षों में बजट आवंटन में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है। फलस्वरूप प्रत्येक वर्ष की समस्त देनदारियों का निस्तारण नहीं हो पाता। उन देनदारियों का चुकारा आगामी वित्तीय वर्ष में किया जाता है।
अतः खण्डों के संशोधित बजट उनकी मांग के अनुसार किया जाना आवश्यक है।
Topबाडमेर जिले की पेयजल हेतु सतही स्त्रोत पर आधारित वृहद परियोजनाएं
1. बाडमेर लिफ्ट वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट
बाडमेर लिफ्ट योजना पीपीसी द्वारा 145 बैठक दिनांक 04.06.2002 को रु. 424.91 करोड की स्वीकृति की गई है। बाडमेर लिफ्ट योजना मे जैसलमेर जिले तथा बाडमेर जिले के ग्रामो एवं शहरी तथा सेना सहित दूसरी एजेंसीयों की मांग पूरी करने का प्रावधान था। कालांतर में सेना की मांग 44 लाख गेलन प्रतिदिन से बढाकर 109 लाख गेलन प्रतिदिन की गई है। वर्ष 2001 की जनगणना अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनसंख्या वृद्धि अनुमान से अधिक हुई है। इसके कारण पूर्व मे 147 एमएलडी की मांग बढकर 172 एमएलडी हो गई है। बढी हुई मांग के अनुसार पीपीसी ने अपनी 174 वी बैठक दिनांक 01.02.2007 में इस परियोजना की रिवाईज्ड स्वीकृति रु. 688.66 करोड जारी कर दी है। 172 एमएलडी डिमांड के तहत बाडमेर जिले के 529 ग्रामो की 2036 तक आवश्यकता 74.84 एमएलडी सम्मिलित की गई है। बाडमेर शहर की मांग इस परियोजना मे 25.61 एमएलडी ली गई है। इस योजना के प्रथम चरण मे स्त्रोत का विकास एवं इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य प्रस्तावित है ग्रामों के अन्दर का कार्य दूसरे चरण में किया जावेगा। उक्त परियोजना मुख्य अभियंता (परियोजना) जन स्वा. अभि. विभाग जोध्पुर के अधीन है।
इस योजना से बाडमेर व जैसलमेर जिलों के 691 गांव (बाडमेर जिले के 529 व जैसलमेर जिले के 162 गांव) तथा बाडमेर शहर को इन्दिरा गान्धी मुख्य नहर से जलापूर्ति शुरु किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना पर माह 03/08 कुल व्यव रु. 15.14 करोड हो चुका है। इस परियोजना के एसपीआर प्रथम तथा द्वितीय की निविदाए स्वीकृत कर क्रमशः रु. 265.00 करोड एवं रु. 370.00 करोड के कर्यादेश दिनांक 31.03.08 को जारी कर दिये हैं एवं योजना का क्रियांवयन 18 माह से पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। योजना के तहत IGMC RD 1434.75 पर आउटलेट तैयार करना, जोहनगढ PS 01 से NH 15 पर स्थित भांगू के गांव से कुम्हारों की ढाणी (मनिहारी), बाडमेर तक पाईप लाईन लगाना स्वीकृत है। पाईपों का निर्माण कार्य दिनांक 04.07.08 को प्रारम्भ कर दिया गया है। इस परियोजना पर इस वित्तीय वर्ष में राशी रु. 135.02 करोड का बजट आवंटन हो चुका है, तथा कुल व्यय रु. 113.77 करोड (माह 12/08 तक) हो चुका है।
परियोजना के तहत मुख्य प्रस्तावित कार्यों का प्रगति विवरण :-
· इन्दिरा गान्धी मुख्य नहर आर.डी. संख्या 1434.75 पर आउटलेट का निर्माण पूर्ण, लोहे के गेट लगाना शेष।
· मुख्य नहर से RWR तक चेनल (1500 मीटर) का निर्माण कार्य 5% पूर्ण।
· मोहनगढ पर RWR (3845 कि.ली.) का निर्माण 15% पूर्ण।
· मोहनगढ पर फिल्टर प्लांट (172 एम.एल.डी.) का निर्माण कार्य 3% पूर्ण।
· मोहनगढ पर पम्प हाउस के निर्माण कार्य हेतु मृदा परीक्षण का कार्य पूर्ण।
· मोहनगढ पर स्वच्छ जलाशय 14.5 एम.एल. का निर्माण कार्य 26% पूर्ण।
· मोहनगढ से भागु का गांव तक 1527 एम.एम. व्यास लोहे की पाईप लाईन (45.83 कि.मी) । 45.48 किमी पाईप निर्मित, 40.00 किमी पाईप साईट पर प्राप्त 11.00 किमी पाईप लाईन बिछई गई।
· भागू का गांव मुख्य कार्य स्थल पर स्वच्छ जलाशय (14.5 एम.एल.) पम्प हाउस के निर्माण हेतु मृदा परीक्षण का कार्य प्रगति पर।
· भागू का गांव से आर्मी जैसलमेर तक 700 एम.एम. व्यास की डी.आई. पाईप लाईन (17.85 किमी) में से 13.00 किमी प्राप्त।
· भागू का गांव से बाडमेर तक :-
o 1422 एम.एम. व्यास की 75.65 किमी पाईप लाईन में 53.00 किमी पाईप निर्मित, 33.00 किमी साईट पर प्राप्त एवं 4.50 किमी पाईप लाईन बिछाई।
o 1034 एम.एम. व्यास की 72.10 किमी में 8.29 किमी पाईप निर्मित 2.5 किमी साईट पर प्राप्त। 0.7 किमी पाईप लाईन बिछाई गई।
o 930 एम.एम. व्यास की 3.15 किमी सभी पाईप प्राप्त, 2.89 किमी पाईप लाईन बिछाई गई।
· कुम्भारों की ढाणी पर 26 एम.एल. क्षमता का स्वच्छ निर्माण कार्य हेतु मृदा परीक्षण कार्य प्रगति पर।
· बाडमेर मुख्य कार्य स्थल पर 17 एम.एल. क्षमता का स्वच्छ जलाशय का निर्माण कार्य व चाहर दिवारी हेतु मृदा परीक्षण पूर्ण। ड्राईंग / डिजाईन प्राप्त होना शेष।
Top
2. पोकरण-फलसूण्ड वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट
अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित जैसलमेर बाडमेर जिले वर्षों से पेयजल संकट ग्रस्त रहे हैं। यहां का भूजल अत्यधिक खारा है और लगातार दोहन से इसका स्तर भी गिरता जा रहा है। इसी कारण दोनों जिलों के पेयजल दृश्य में आमूल चूल परिवर्तन हेतु एक साथ उत्तरी व उत्तरी पूर्वी क्षेत्र को इन्दिरा गान्धी नहर द्वारा हिमलय तथा दक्षिण व दक्षिण पश्चिम क्षेत्र को नर्मदा नहर द्वारा सरदार सरोवर के शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने की परियोजनाओं के कार्य हाथ मे लिए जा रहे हैं।
जिले के दूसरे प्रमुख व कपडे की मिलों के लिए प्रसिद्ध नगर बालोतरा एव सिणधरी, सिवाना क्षेत्र के भूजल में गिरावट व खारेपन की समस्या से निजात दिलाने हेतु व बाडमेर जिले के 403 गांव व जैसलमेर जिले के 177 गांव (कुल 580 गांव) एवं 3 शहरों (बालोतरा, सिवाना व पोकरण) तथा सेना एवं बालोतरा औद्योगिक क्षेत्र को लाभांवित किया जाना प्रस्तावित है। योजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति नीति निर्धारण समिति की 162 वीं बैठक दिनांक 29.03.2005 को रु. 966.77 करोड की जारी की गई थी। योजना एक पैकेज जिसकी लागत रु. 220.40 करोड है, कि स्वीकृति दिनांक 25.04.2007 की हो गई है। इसके तहत सोर्स तैयार करना एवं बीलिया तक दूसरे कार्य करना सम्मिलित है। इसका स्त्रोत IGMS पर RD 1253.5 पर रखा गया है। योजना को राज्य सरकार व केन्द्र सरकार से आबंटित बजट से पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। प्रथम चरण में नाचना (जैसलमेर) से पोकरण (जैसलमेर) के मध्य 73 किमी लम्बाई में पाईप लाईन बिछाने तथा पोकरण पर फिल्टर संयत्र निर्माण कार्य करवाया जाना प्रस्तावित है। पोकरण से बालोतरा होकर सिणधरी व सिवाना कस्बे तक 270 किमी लम्बाई में पाईप लाईन बिछाने व इसके द्वारा जैसलमेर के 177 ग्रामों व पोकरण कस्बे के अलावा बाडमेर जिले के 403 ग्रामों तथा बालोतरा सिवाना कस्बों को मुख्य लाईन से जोडने हेतु द्वितीय चरण के कार्य करवाये जाने हैं। इस पर वित्तीय प्रबन्धन हेतु हाल ही राज्य सरकार ने रु. 33.00 करोड का बजट आबंटन किया है। परियोजना अंतर्गत प्रथम पैकेज में प्रस्तावित कार्य की निविदा अनुमोदन पश्चात् मैसर्स सुभाष प्रोजेक्ट लि. कोलकता को दिनांक 23.07.2008 को कार्यादेश राशि रु. 318.00 करोड का आवंटित किया जा चुका है। इसमें निर्माण के साथ साथ पांच वर्ष का सन्धारण कार्य भी सम्मिलित है। सम्बन्धित फर्म से दिनांक 02.08.2008 को विभाग के साथ अनुबन्ध निष्पादन कर लिया गया है तथा सर्वे एवं सोईल इंवेस्टीगेशन का कार्य प्रारम्भ कर दिया है। इस परियोजना की क्रियांविति हेतु पोकरण में एक अधीक्षण अभियंता के अधीन 3 अधिशाषी अभियंता (नाचना, पोकरण व बालोतरा) पदस्थापित किये जा चुके हैं। उक्त परियोजना मुख्य अभियंता (परियोजना) जन स्वा. अभि. विभाग, जोधपुर के अधीन है।
Top3. राजीव गान्धी लिफ्ट केनाल आधारित परियोजना उम्मेदसागर-धवा-समदडी-खण्डप पार्ट तृतीय
बाडमेर जिले के पचपदरा एवं सिवाना तहसील के 170 ग्रामों एवं समदडी शहर की पेयजल समस्या के समाधान हेतु सतही स्त्रोत राजीव गान्धी पेयजल नहर से (जोधपुर जिले के उम्मेद सागर बांध से) क्षेत्रिय जल प्रदाय योजना उम्मेद सागर – धवा – समदडी – खण्डप पार्ट तृतीय की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति विभागीय नीति निर्धारण समिति की 174 वीं बैठक दिनांक 01.02.2007 के द्वारा अनुमानित लागत रु. 364.93 करोड की जारी की गई है। इस योजना को सुचारू रूप से क्रियांवित करने हेतु कुल 11 नं. पैकेज की स्वीकृति विभागीय तकनीकी समिति की 436 वीं बैठक दिनांक 25.04.2007 के द्वारा जारी की गई है।
पैकेज संख्या 1 जो कि सर्वे से सम्बन्धित है, का कार्य पूर्ण हो चुका है। पैकेज संख्य 2 की तकनीकी स्वीकृति विभागीय तकनीकी समिति की बैठक 457 दिनांक 16.06.2008 द्वारा अनुमानित लागत 722.98 लाख की जारी की गई। पैकेज संख्या 2 के तहत 1100 एम.एम. व्यास की एम.एस.पाईप से तख्तसागर को उम्मेदसागर से जोडने का कार्य प्रस्तावित है। इस कार्य बाबत निविदाएं आमंत्रित की गई हैं, जो कि माह मार्च 2009 में प्राप्त की जानी हैं। पैकेज संख्या 3 की तकनीकी स्वीकृति भी विभागीय समिति की 436 वीं बैठक दिनांक 25.04.2007 द्वारा अनुमानित लागत रु. 144.83 करोड की जारी की गई है। पैकेज संख्या 3 के तहत जोधपुर स्थित उम्मेद सागर पर बनाया रहे जल शोधन संयत्र एव स्वच्छ जलाशय से 133.11 किमी 200 एम.एम. से 1000 एम.एम. व्यास की मुख्य पाईप लाईन एवं पांच नग मास्टर बेलेंसिंग रिजर्वायर (एम.बी.आर.) कोरना (1650 कि.ली.), नगाना (1000 कि.ली.) समदडी (700 कि.ली.), कलावत सर धोरा (950 कि.ली.) एवं बरनावा जागीर धोरा (2500 कि.ली.) प्रस्तावित है।
इसके अतिरिक्त पैकेज संख्या 4 के अंतर्गत उम्मेद सागर – धवा – समदडी – खण्डप योजना के तहत विभिन्न स्थानों पर 43 उच्च जलाशय (38 एस.आर. + 5 जी.एस.आर.) का निर्माण एवं इन जलाशयों को 5 एम.बी.आर से जोडने के लिये 250 एम.एम. से 400 एम.एम. व्यास की कुल 247.80 कि.मी. पाईप लाईन प्रस्तावित है। पैकेज संख्या 4 का विस्तृत सर्वेक्षण एवं मृदा परीक्षण कर तकनीकी प्रस्ताव बनाये जा रहे हैं। पचपदरा एवं सिवाना तहसील के 170 गावों को 43 उच्च जलाशयों से जोडने के लिये 90 से 300 एम.एम. व्यास की पाईप लाईन 574 कि.मी. प्रस्तावित है। 170 गांवों में जल वितरण हेतु 1700 कि.मी., 90 एम.एम. व्यास की पाईप लाईन प्रस्तावित है। यह कार्य पैकेज संख्या 5 में प्रस्तावित है। शेष पैकेज संख्या 6 से 11, जो कि वितरण प्रणाली, समदडी शहर तथा IEC activity से सम्बन्धित है।
योजना पर बजट उपलब्ध होने पर वित्त समिति की बैठक 571 दिनांक 14.07.2008 में कार्यादेश जारी करने का निर्णय लिया गया तत्पश्चात् मुख्य अभियंता परियोजना जन स्वा.अभि.विभाग जोधपुर पत्र क्रमांक 5564 दिनांक 17.07.2008 के द्वारा मैसर्स नागार्जुना कंस्ट्रक्शन कं. लि., नागार्जुना हिल्स, हैदराबाद के नाम कार्यादेश रु. 2,19,08,36,214.00 का माह जुलाई 2008 में जारी किया गया है। फर्म द्वारा विस्तुत सर्वेक्षण एवं मृदा परीक्षण कर लिया गया है तथा एम.एस. पाईपों का निर्माण कार्य जारी है। इसके तहत 1000 मी.मी. व्यास स्टील पाईप का निर्म्आण किया जा चुका है तथा मै. पी.एस.एल. कम्पनी मोहडी, गुजरात में पाईप की बादरी सतह पर टेप कोटिंग व अन्दर की सतह पर सिमेंट लाइनिंग कार्य शीघ्र किया जा कर माह जनवरी में साईट पर पाईप लाईन बिछाने का कार्य होना लक्षित है। टेप कोटिंग अमेरिका / बैल्जीयम से भारत में पहुंच चुका है तथा इसी माह फेक्ट्री मे पहुंचना है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर सडक निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा जलाशयों हेतु रॉक कटिंग का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। कार्य प्रारम्भ करने बाबत् फर्म को निविदा शर्तों के अनुरूप रु. 21.80 करोड का अग्रीम भुगतान किया जा चुका है।
शीघ्र ही पाईप प्राप्त कर लाईने बिछाने का कार्य प्रारम्भ कर दिया जाना प्रस्तावित है। पैकेज संख्या 3 का कार्य अक्टुबर 2009 तक पूर्ण होना लक्षित है। इस पैकेज कार्य के तहत RIDF (Nabard) से रु. 170.44 करोड का ऋण स्वीकृत किया गया है। शेष धनराशि की व्यवस्था राज्य सरकार स्तर पर की जानी है।
Topबाडमेर जिले के दक्षिण व दक्षिण-पश्चिम भाग में पेयजल समस्या के स्थाई समाधान हेतु नर्मदा नहर परियोजना से लाभांवित किया जाना प्रस्तावित है। बाडमेर जिले के 639 गावों को पेयजल उपलब्ध कराने हेतु योजना बनाने का कार्य अतिरिक्त मुख्य सचिव (इन्फा) की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक में लिये निर्णयों के फॉलोअप एक्शन हेतु दिनांक 13.06.2006 को ली गई बैठक में दिये गये निर्देशानुसार पी.डी.कोर. द्वारा पी.पी.पी. के आधार पर किया जा रहा है। योजना की वित्तीय स्वीकृति राज्य सरकार व केन्द्र सरकार से आबंटित बजट से पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। उक्त परियोजना अधीक्षण अभियन्ता, जन. स्वा. अभि. विभाग, नर्मदा नहर वृत सांचोर के नियंत्रणाधीन है एवं मुख्य अभियन्ता (परियोजना) जन. स्वा. अभि. विभाग जोधपुर के अधीन है।
Top5. गडरा ब्रांच आधारित परियोजना
इन्दिरा गान्धी मुख्य नहर परियोजना से निकली गडरा ब्रांच पर बाडमेर जिले के शेष बचे हुए गांव तथा जैसलमेर जिले के गडरा ब्रांच के आस पास के गांवों को सम्मिलित कर पेयजल व्यवस्था हेतु प्रारम्भिक रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है। इस परियोजना क्षेत्र में राष्ट्रीय मरुस्थलीय पार्क (डी.एन.पी.) भी स्थित है। परियोजना क्षेत्र में मुख्य पाईप लाईन हेतु आवश्यक सर्वे हेतु कार्यादेश जारी कर दिया गया है। सर्वे पश्चात् परियोजना की प्रारम्भिक रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रेषित की जावेगी। यह कार्य बाडमेर लिफ्ट परियोजना वृत बाडमेर के अधीन अधिशाषी अभियन्ता, खण्ड तृतीय शिव को आबंटित किया हुआ है, लेकिन खण्ड के अधीन स्वीकृत 3 सहायक अभियन्ताओं के पदों के विरुद्ध केवल 1 सहायक अभियन्ता पदस्थापित हैं तथा दो पद रिक्त पडे हैं।